[ad_1]

हाइलाइट्स

सोसाइटी में एक ही पार्किंग लॉट मिलता है.
कुछ लोगों के पास एक से ज्‍यादा वाहन होत हैं.
ये लोग ही दूसरे लोगों से पार्किंग स्‍पेस रेंट पर लेते हैं.

नई दिल्‍ली. अगर आपके पास भी किसी हाउसिंग सोयाइटी में फ्लैट है, तो आप उस फ्लैट में रहते हुए भी हर महीने कुछ हजार रुपये कमा सकते हैं. शर्त बस इतनी सी है कि आपके पास कार या कोई चौपहिया वाहन नहीं होना चाहिए. अब आप कहेंगे की कमाई और कार का क्‍या संबंध? जनाब, रिलेशन कार और कमाई में भले ही न हो पर कार पार्किंग और कमाई में जरूर है. फ्लैट के साथ कार पार्किंग लेना भी अनिवार्य है. अगर आपके पास कार नहीं है तो वो पार्किंग की जगह खाली पड़ी ही होगी. आप अपने पार्किंग स्‍पेस को किराए पर देकर हर महीने 5 हजार रुपये तक कमा सकते हैं.

अगर आपको लगता है कि पार्किंग स्‍पेस किराए पर चढ़ना मुश्किल है तो अपनी सोसाइटी में थोड़ी जांच-परख करें. दिल्‍ली-एनसीआर से लेकर बेंगुलरु जैसे मेट्रों शहरों की कई सोसाइटियों में तो किराए के लिए पार्किंग एरिया की अच्‍छी-खासी मांग है. ओपन पार्किंग के लिए 2 हजार रुपये महीना किराया मिल रहा है तो कवर्ड पार्किंग के लिए कुछ लोग 5 हजार रुपये महीना किराया देने को भी तैयार हैं.

ये भी पढ़ें- प्रॉपर्टी नॉलेज : सेल डीड और लीज डीड में क्‍या है फर्क? मकान-प्‍लाट की कौन सी डीड कराना फायदे का सौदा

कौन ले रहा है किराए पर?
अगर हम बात ग्रेटर नोएडा की ही करें तो यहां पर करीब 100 हाउसिंग सोसाइटियां हैं. फ्लैट खरीदने वाले ज्‍यादातार लोग केवल एक ही कार पार्किंग फ्लैट के साथ लेते हैं. बहुत से निवासियों के पास एक से ज्‍यादा कार भी होती है. दूसरी कार होने पर उनके लिए सोसाइटी में अपनी कार को खड़ी करने के लिए उपयुक्‍त जगह नहीं होती. इसी मुश्किल को दूर करने के लिए वे सोसाइटी में ही रह रहे ऐसे निवासियों से संपर्क साधते हैं, जिनक पास कार तो नहीं होती पर कार पार्किंग जरूर होती है.

कहां है ज्‍यादा मांग?
मेट्रो सिटी या फिर ऐसे शहर जहां आबादी ज्‍यादा है वहां पार्किंग की मांग ज्‍यादा है. अगर हम ग्रेटर नोएडा में उन सोसाइटियों में कार पार्किंग स्‍पेस की ज्‍यादा डिमांड है, जिनमें ज्‍यादा लोग रहते हैं. यानी की इनमें लगभग सभी फ्लैट्स में लोग रह रहे हैं. गौड़ सौंदर्यम, गौड़ सिटी, चेरी काउंटी, ग्रेनो वेस्‍ट जैसी सोसाइटियों में कार पार्किंग किराए पर लेने वालों की तादात ज्‍यादा है. बेंगुलुरु में रेंटल सर्विस उपलब्‍ध कराने वाली फर्म पीजीएन प्रोपर्टी मैनेजमेंट का भी कहना है कि शहर की हाउसिंग सोसाइटियों में टू व्‍हीलर और 4 व्‍हीलर पार्किंग स्‍पेस की काफी मांग है. टू व्‍हीलर कवर्ड पार्किंग के लिए लोग 2 हजार रुपये महीना तक देने को तैयार हैं. जबकि , फोर व्‍हीलर के लिए 3500 रुपये महीना किराया है.

कैसे ढूंढ़ें किराएदार?
अगर आपके पास भी पार्किंग किराए पर देने के लिए खाली है तो आपको अपने आसपड़ोस में इसका जिक्र करना होगा. इस काम में आपकी सबसे ज्‍यादा मदद सोसाइटी में तैनात स्‍टाफ सबसे ज्‍यादा कर सकता है. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि आमतौर पर लोग उनसे ज्‍यादा पूछताछ किराए पर पार्किंग लेने के लिए करते हैं. इसलिए आप स्‍टाफ को भी अपना पार्किंग स्‍पेस किराए के लिए उपलब्‍ध होने की बात बता सकते हैं.

Tags: Business news in hindi, Earn money, How to earn money, Money Making Tips, Property

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *