[ad_1]

हाइलाइट्स

फ्रीडम एसआईपी निवेश करने की एक अद्वितीय और अनूठी सुविधा है.
कार्यकाल पूरा होने के बाद, पैसा एक टारगेट स्कीम में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
निवेशक को एसडब्ल्यूपी के माध्यम से नियमित कैश फ़्लो प्राप्त होगा.

मुंबई. फाइनेंशियल फ्रीडम तो हर किसी को चाहिए. निवेश शुरू करते ही पैसे लगाने वाले अपने रिटर्न की गिनती शुरू कर देते हैं. वैसे तो म्‍यूचुअल फंड और सिस्‍टमेटिक इनवेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) से सभी परिचित हैं, लेकिन हम आपको कुछ नए तरह के निवेश ऑप्‍शन के बारे में बताएंगे. नया तरीका है फ्रीडम एसआईपी का जिसे आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने पेश किया है.

फ्रीडम एसआईपी निवेश करने की एक अद्वितीय और अनूठी सुविधा है, जो एक सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के पावर को एक सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के साथ जोड़ देता है. इस सुविधा के माध्यम से निवेशक एक अवधि में अपनी संपत्ति बढ़ा सकते हैं और फिर एसआईपी अवधि पूरी होने के बाद एसडब्ल्यूपी के माध्यम से नियमित रूप से कैश फ़्लो प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें – इस बैंक ने दी बड़ी खुशखबरी, प्रोसेसिंग फीस किया माफ, होम और ऑटो लोन लेने पर मिलेगा फायदा

कैसे काम करता है फ्रीडम एसआईपी
फ्रीडम एसआईपी 4 चरणों वाली प्रक्रिया है. इसके लिए निवेशकों को एक सोर्स स्कीम चुननी होती है, जिसमें वे 8 साल, 10 साल, 12 साल, 15 साल, 20 साल, 25 साल या 30 साल में एसआईपी के माध्यम से निवेश करेंगे. चूंकि, इसमें समय सीमा आम तौर पर लंबी होती है, इसलिए निवेशक इक्विटी से लेकर डेट तक कई ऑप्‍शन चुन सकते हैं. निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बाद, पैसा एक टारगेट स्कीम में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. टार्गेट स्कीम वह योजना है, जिससे निवेशक को एसडब्ल्यूपी के माध्यम से नियमित कैश फ़्लो प्राप्त होगा.

टार्गेट स्कीम का उद्देश्य होल्डिंग फंड की तरह व्यवहार करना है, हाइब्रिड या डेट फंड चुनना सबसे अच्छा है, क्योंकि वर्षों में बनाए गए कॉर्पस को बाजार की अस्थिरता से बचाना जरूरी है. इस फंड से एसडब्ल्यूपी तब तक जारी रहेगी, जब तक धन उपलब्ध है. निवेशकों को अपनी इच्‍छा अनुसार एसडब्ल्यूपी की राशि चुनने की आजादी है. यदि वे एसडब्ल्यूपी राशि का उल्लेख नहीं करते हैं, तो उन्हें डिफ़ॉल्ट एसडब्ल्यूपी राशि प्राप्त होगी, जो एसआईपी राशि और उनके द्वारा चुनी गई एसआईपी अवधि के आधार पर अलग-अलग होगी.

आसान गणित से तस्‍वीर साफ
यदि कोई निवेशक 10,000 रुपये का एसआईपी 10 वर्षों के लिए शुरू करता है तो मेच्‍योरिटी के बाद एसडब्ल्यूपी राशि 15,000 रुपये होगी. निवेश की समय सीमा 15 साल तक बढ़ाई जाती है तो एसडब्ल्यूपी राशि 30,000 रुपये हो जाएगी. यदि निवेशक 20, 25 और 30 वर्षों तक निवेश जारी रखता है, तो एसडब्ल्यूपी राशि 50,000 रुपये, 80,000 रुपये और 1.2 लाख रुपये होगी. जब तक यूनिट्स टार्गेट स्कीम में उपलब्ध हैं, तब तक एसडब्ल्यूपी प्रोसेस किया जाएगा.

ये भी पढ़ें – किशमिश 300, काजू 900 तो पिस्ता 1500 रुपये किलो, जानें इतने महंगे क्यों होते हैं ड्राई फ्रूट्स, कैसे तय होती है कीमत?

क्‍यों आसान है इसमें निवेश
इस स्‍कीम में निवेश करना इसलिए ज्‍यादा आसान होता है, क्‍योंकि यह काफी लचीली स्‍कीम है. निवेशकों के पास सोर्स स्कीम, टारगेट स्कीम और एसआईपी की अवधि चुनने की आजादी होती है. इसके अलावा इसमें वार्षिक टॉप-अप भी उपलब्ध है. इसके अलावा स्‍कीम में एसआईपी और एसडब्ल्यूपी दोनों दोनों का ऑप्‍शन मिलता है जिससे निवेशक को व्‍यवहारिक चुनौतियों का सामना करने की योग्‍यता मिलती है. ऐसे में अगर आप फ्रीडम एसआईपी की सुविधा का फायदा उठाते हैं तो इसके लिए 10 साल या उससे ज्‍यादा की अवधि चुनना बेहतर होगा.

Tags: Business news in hindi, Mutual funds, Returns of mutual fund SIPs, SIP, Systematic Investment Plan (SIP)

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *