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हाइलाइट्स

अभी निजी कॉलेज से एमबीबीएस करने में करीब 50 लाख रुपये का खर्चा आता है.
वर्तमान में शिक्षा की महंगाई दर सालाना करीब 5 से 10 फीसदी है.
इसका मतलब हुआ कि वर्तमान फीस में दोगुना से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हो जाएगी.

नई दिल्‍ली. बिहार की रहने वाली शिखा एक मध्‍य वर्गीय परिवार की हाउस वाइफ हैं. पति प्राइवेट नौकरी करते हैं. शिखा की एक बेटी है, जो अभी सिर्फ 5 साल की है. दंपति का सपना अपनी बिटिया को डॉक्‍टर बनाना है. लेकिन, मुश्किल ये है कि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और रोजमर्रा के खर्चों के बीच लाखों का फंड बनाना बड़ी चुनौती होगी.

यह सपना सिर्फ शिखा का ही नहीं है, बल्कि महानगर में रहने वाले हजारों मिडिल क्‍लास फैमिली की यही कहानी है. इन परिवारों को इस चुनौती और मुश्किल से निपटना पहाड़ जैसा काम लगता है, लेकिन यह इतना भी मुश्किल नहीं है. अगर आप सही समय पर सही जगह पैसा लगाना शुरू कर दें और निवेश के प्‍लान पर टिके रहें तो बिटिया की जरूरत के समय आपके पास लाखों का फंड तैयार हो जाएगा.

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कितने फंड की होगी जरूरत
भारत में वैसे तो कई सरकारी कॉलेज भी हैं, जो एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री दिलाते हैं. इसकी सालाना फीस कुछ हजार रुपये ही रहती है, लेकिन इसमें सीटें काफी कम होती हैं. ऐसे में ज्‍यादातर परिवारों को निजी कॉलेज का खर्च उठाना पड़ता है. एक अनुमान के मुताबिक, अभी निजी कॉलेज से एमबीबीएस करने में करीब 50 लाख रुपये का खर्चा आता है.

कितनी है शिक्षा की महंगाई दर
BankBazaar के हालिया सर्वे में खुलासा हुआ है कि वर्तमान में शिक्षा की महंगाई दर सालाना करीब 5 से 10 फीसदी है. अगर हम महंगाई की सबसे न्‍यूनतम दर यानी 5 फीसदी को पकड़कर चलें तो 15 साल बाद जब शिखा की बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई करने की उम्र में पहुंचेगी तो इसकी फीस 50 लाख से बढ़कर अनुमानित 1,03,94,641 रुपये पहुंच जाएगी. इसका मतलब हुआ कि वर्तमान फीस में दोगुना से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हो जाएगी.

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कैसे बनेगा एक करोड़ का फंड
अब मिडिल क्‍लास फैमिली के लिए सबसे बड़ी चुनौती है बेटी की पढ़ाई के लिए 1 करोड़ का फंड बनाना. देखने में तो यह काफी मुश्किल लगता है, लेकिन अगर आप नियमित रूप से निवेश करते हैं तो 15 साल की अवधि में एक करोड़ का फंड बनाना बड़ी बात नहीं होगी. इसके लिए बाजार में कई विकल्‍प हैं, जिसमें से आप अपनी सहूलियत के हिसाब से कुछ भी चुन सकते हैं.

पीपीएफ : पति-पत्‍नी दोनों अपने नाम से पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं. इसमें निवेश की सालाना लिमिट 1.5 लाख रुपये है. इस तरह दोनों मिलकर 3 लाख रुपये का सालाना निवेश कर सकते हैं. यानी हर महीने 25 हजार रुपये का निवेश करना होगा. अभी इसकी ब्‍याज दर 7.1 फीसदी है, जो हर साल बदलती रहती है. अगर इसी दर पर गणना करें तो 15 साल में कुल निवेश की रकम 45 लाख रुपये होगी. वहीं, ब्‍याज जोड़कर कुल रिटर्न करीब 81.5 लाख रुपये मिलेगा. यह रकम बेटी की पढ़ाई का खर्च पूरा करने के लिए काफी हद तक मददगार होगी.

म्‍यूचुअल फंड का मैजिक : अगर आप इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो ज्‍यादा सोचने की जरूरत नहीं है. इसमें अगर आप हर महीने 20 हजार रुपये का भी निवेश करते हैं तो 10 साल से ज्‍यादा की अवधि में औसतन 12 फीसदी सालाना का रिटर्न मिल जाता है. इस तरह, देखें तो आपको 15 साल में करीब 36 लाख रुपये का निवेश करना होगा, जबकि रिटर्न के रूप में 1,00,91,520 रुपये मिलेंगे. इस दौरान ब्‍याज के रूप में ही 64,91,520 रुपये मिल जाएंगे. इन पैसों से बेटी को एमबीबीएस कराने का सपना आसानी से पूरा हो जाएगा.

Tags: Business news in hindi, Investment and return, Mutual fund, Mutual fund investors

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