[ad_1]

हाइलाइट्स

चुनौती के इस माहौल में ज्‍यादातर निवेशकों ने मल्‍टी एसेट म्‍यूचुअल फंड का रुख कर लिया है.
सितंबर, 2023 में मल्‍टी एसेट में आवंटन 6,324 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
मल्टी एसेट फंड को हर समय तीन या अधिक एसेट क्लासेज में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% निवेश करना ही होगा.

नई दिल्‍ली. दिवाली और धनतेरस पर हर कोई पैसा बनाना चाहता है, ताकि इस शुभ अवसर पर हुए लाभ का योग पूरे साल बना रहे. अगर आप भी ऐसे किसी विकल्‍प की तलाश में हैं तो मल्‍टी एसेट क्‍लास में पैसे लगाएं. एक्‍सपर्ट का मानना है कि अभी छलांग लगा रहे बाजार में आगे करेक्‍शन आने का अनुमान है. ग्‍लोबल इकनॉमी और तनाव अभी जिस तरह के संकेत दे रहे हैं, उससे साफ लग रहा कि आने वाला समय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए कठिन हो सकता है.

चुनौती के इस माहौल में ज्‍यादातर निवेशकों ने मल्‍टी एसेट म्‍यूचुअल फंड का रुख कर लिया है और ऐसा क्‍यों किया गया इसकी कहानी आंकड़े खुद बताते हैं. सितंबर, 2023 में मल्‍टी एसेट में आवंटन 6,324 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो अगस्‍त में सिर्फ 4,707 करोड़ रुपये था. मल्टी एसेट एलोकेशन फंड एक तरह के हाइब्रिड फंड होते हैं जो इक्विटी, डेट, कमोडिटी जैसे कम से कम तीन एसेट क्लासों में निवेश करते हैं. सेबी का आदेश है कि मल्टी एसेट फंड को हर समय तीन या अधिक एसेट क्लासेज में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% निवेश करना ही होगा.

ये भी पढ़ें – इस शेयर ने हिला डाला सिस्‍टम! बना हुआ है रॉकेट, दिग्‍गज निवेशक ने सालभर में कूटा ₹200 करोड़ मुनाफा

कैसे मुनाफा दिलाता है एक सही फंड
अगर हम बेहतर मल्‍टी एसेट फंड की बात करें तो निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट फंड है हमेशा क्लासिकल एसेट एलोकेशन पर भरोसा जताता है. बीते एक साल में 19 फीसदी का रिटर्न देने वाला यह फंड 4 एसेट क्लास में निवेश करता है. इंडियन इक्विटीज (50%), ओवरसीज इक्विटीज (20%), कमोडिटीज (15%) और डेट में (15%) निवेश रहता है. चार एसेट क्लास में इन्वेस्टमेंट करने का यह स्टाइल इस फंड की शुरुआत से ही बना हुआ है. यही कारण है इस फंड में पैसे लगाने वाले निवेशकों को हमेशा बेहतर रिटर्न मिलता है.

क्‍यों डूब जाता है पैसा
दरअसल, कुछ फंड मैनेजर ज्‍यादा रिटर्न की लालच में निवेशकों के पैसे पर जोखिम ले लेते हैं. सेबी का आदेश न्‍यूनतम 10 फीसदी निवेश का है तो ऐसे फंड मैनेजर कमोडिटी और डेट में 10-10 फीसदी पैसा लगाकर बाकी 80 फीसदी राशि इक्विटी में डाल देते हैं. ऐसे में अगर इक्विटी में गिरावट आती है तो निवेशकों का पैसा भी डूब जाता है. लिहाजा निवेशकों को अपने पैसे लगाने से पहले इस बारे में अच्‍छे से रिसर्च करना चाहिए और पूरी तब सही फंड का चुनाव किया जाए.

ये भी पढ़ें – दिवाली से पहले पंजाब नेशनल बैंक ने दिया तोहफा, FD पर मिलेगा अब पहले से ज्यादा ब्याज, चेक करें दरें

क्‍यों भरोसेमंद बना है यह फंड
एक सही मल्टी एसेट फंड में निवेश करना कई कारणों से मौजूदा मार्केट कंडीशन में सही माना जाता है. अमेरिकी बॉन्ड के अच्छे यील्ड के कारण एफआईआई यानी विदेशी निवेशकों ने अपना जोखिम कम कर दिया है. इजरायल-हमास युद्ध के जल्द समाप्त होने का फिलहाल संकेत नहीं दिख रहा. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर अन्‍य कमोडिटी पर भी होगा. अगर कमोडिटी की कीमतें बढ़ती हैं, तो सोने के भाव भी बढ़ जाएंगे. लिहाजा निवेशकों को शॉर्ट टर्म स्टेबिलिटी के साथ-साथ लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न के लिए अच्छे एसेट एलोकेशन फंड में निवेश करना ही चाहिए.

Tags: Business news in hindi, Investment, Investment and return, Mutual fund, Returns of mutual fund SIPs

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *